गोंडवाना राज देवालय सतखंडा महल, जुनाशहर रतनपुर में ज्योत जवांरा शक्ति साधना सम्पन्न
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
रतनपुर के जुनाशहर में गोंड राजवंश के प्राचीन लेकिन जागृत शक्ति स्थल है. जो आम जन के जानकारी में बहुत कम है. लेकिन शक्ति साधकों एवं उपासकों के मन में अब भी अमिट है. जहाँ राजा महाराजा चैत्र शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि से चतुर्दशी तिथि तक नियत नेंग, नियम और निषेध का पालन करते हुए शक्ति साधना करते थे. कठोर नियम और निषेध के कारण मूल शक्ति स्थल में प्रवेश प्रतिबंधित (रिस्ट्रिक्टेड) है. नियम और निषेध के पालन से अभिष्ट की प्राप्ति और अवहेलना से अनिष्ट की आशंका होती है.
इस वर्ष भी समस्त नेंग नियम और निषेध का पालन करते हुए, गुरुदेव डॉ. महिपाल सिंह मरकाम के सानिध्य तथा श्री भजन सिंह मरावी जी के नेतृत्व में 23 मार्च से 31 मार्च तक नौ दिन की शक्ति साधना की गयी. भजन सिंह मरावी जी सतखंडा महल सञ्चालन समिति के अध्यक्ष हैं. वे गोंडवाना गोंड मह्सभा मातिन गढ़ के भी अध्यक्ष हैं. पारंपरिक नियमानुसार 22 मार्च की रात्रि में ब्रम्हांड के २२ प्राकृतिक शक्तियों जिसमे पृथ्वी सहित समस्त खगोलीय पिंड, पंच महाभूत, गढ़-गढ़ी, देवी देवताओं को आमंत्रित किया गया.
23 मार्च प्रथम दिवस की संध्याकाल में समस्त आमंत्रित शक्तियों को स्थापित और जागृत करते हुए जवांरा बीजन और कलश ज्योति प्रज्वलन किया गया. इसमें शक्ति स्थल के मुख्य कलश और अर्जीदारों की कलश सम्मिलित हैं.
30 मार्च 2026 अष्ठमी के दिन मुख्य कलश और अर्जीदारो के कलशों की संकल्प के साथ पूजन किया गया. यहाँ के नेंग की विशेषता यह है कि प्रत्येक अर्जिदार के जवारा कलश की नाम, गोत्र, कुल देवता, ग्राम देवताओं के स्मरण पूजन के साथ मुख्य पुजारी द्वारा अलग अलग वंदना एवं भेंट अर्पित की जाती है. यदि अर्जीदार उपस्थित हो तो उसे दर्शन भेंट और अर्जी करने की अनुमति दी जाती है. फिर समस्त स्थापित शक्तियों एवं अर्जीदारों के देवी देवताओं को हुमन दी गयी. महामाई शक्ति स्वरूपा नन्ही बालिकाओं को पारंपरिक श्रृंगार सेवा और भोग भी अर्पित किया गया.
नवम दिवस 31 मार्च को परम पूजन कर समस्त जागृत शक्तियों सहित जवारा और कलश ज्योति को शांत किया गया.
नौ दिवासीय शक्ति साधना का संयोजन एवं प्रबंधन जुनाशहर के गोंड समाज के अध्यक्ष मिलन सिंह मरावी, सेवा समिति के अध्यक्ष उमेद सिंह मरावी एवं अन्य सामाजिक पदाधिकारियों ने की. रमेशचंद्र श्याम अर्जिदार एवं सेवादार के रूप में प्रथम, अष्ठम एवं नवम दिवस के नेंग अनुष्ठान में स्वयं उपस्थित रहे.
रमेश चन्द्र श्याम
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मेश

