ग्रामीण विशेष

ग्राम सपिया (खरसिया) जिला रागढ़ में जुटे गोंड समाज के दिग्गज … आदिवासियों के धार्मिक पहचान पर हुई चर्चा… को

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

विगत शनिवार को ग्राम सपिया (खरसिया) में दिवंगत प्रशांत कुमार सिदार पिता जगदीश सिदार का दसगात्र कार्य संपन्न हुआ. दिवंगत सिदार जी मालखरौदा राज के संरक्षक और छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के बिलासपुर संभाग संयोजक ननकीराम सिदार के भतीजे थे. उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने क्षेत्र के दिग्गज लोग जुटे थे. जिसमें प्रमुख रूप से राजा यशवंत राज सिंह, तारापुर रायगढ़, राजा जितेन्द्र बहादुर सिंह मालखरौदा, राजा धर्मेन्द्र बहदुर सिंह सक्ती, ठाकुर बरन सिंह जगत पनझर, दीवान तेजवंत सिंह जगत कछार, अवध किशोर नेताम अध्यक्ष मालखरौदा राज, किरण नेताम, सचिव माल खरौदा राज, गिरवर सिंह अध्यक्ष जैजैपुर , सक्ती क्षेत्र से अध्यक्ष समुंद सिंह, सारंगढ़ राज से जयसिंह नेटी, फरसवानी से धरमसिंह सिदार, श्याम कुमार सिदार मरवाही, सहित डभरा, बडे साजापाली, गाताडीह, भुतहा, बनोरा, अकलसरा, धनसीर, बिलाईगढ़ तमनार क्षेत्र से दीवान और सिदार लोग पहुंचे थे, अकलतरा क्षेत्र से खेम सिंह मरावी, जयंती मार्को शिव गोविन्द मरकाम भी श्रद्धांजलि में उपस्थित

बिलासपुर से रमेशचन्द्र श्याम, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष बिलासपुर, घनश्याम खुशरो सचिव सीपत क्षेत्र, बद्री खैरवार प्रदेश सचिव खैरवार समाज पहुंचे थे.

जब समाज के दिग्गज लोग जुटते हैं तो समसामयिक सामाजिक चर्चा से बचा नहीं जा सकता. वहां भी अनौपचारिक चर्चा हुई. जनगणना 2027 में आदिवासियों खाशकर गोंड समाज की धार्मिक पहचान को लेकर चर्चा हुई. और आदिवासी धर्म पर जाकर सहमति बनती दिखी. गोंडी धर्म की भी बात उठी.

लेकिन जब तक भारत सरकार समस्त आदिवासियों को जनगणना में एक अलग धार्मिक पहचान के रूप में अलग धर्म कालम जो जनगणना १९५१ के पूर्व था, प्रदान नहीं करती तब तक आदिवासी समाज “अन्य ” धर्म मानने वाले के रूप में गिने जायेंगे. सोचनेवाली बात है देश भर के आदिवासियों को एक धर्म के अंतर्गत पहचान प्रदान कर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी क्यों मारेगी ? रमेशचंद्र श्याम

बिल्हा के गंगाराम छेदइहा ने गोंडवाना सामूहिक विवाह में अपने पुत्र का विवाह रचाया … बने एक अनुकरणीय मिशाल …

गोंड समाज में सामूहिक विवाह का आयोजन कर समाज के गरीब तबकों को अनावश्यक खर्च और कर्ज सके बोझ से छुटकारा हेतु अलग अलग क्षेत्र में सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें छत्तीसगढ़ प्रशासन भी आर्थिक सहयोग करता आ रहा है.

ऐसा ही गोंडवाना सामूहिक विवाह का आयोजन विगत दिनो बिलासपुर जिले के पथरिया सरगांव क्षेत्र के मोहभट्ठा में birendr maravi ke aguvaai में संपन्न हुआ.