ग्रामीण विशेषछत्तीसगढ़

मरदेल में भालू छोड़े जाने सहित वन विभाग से जुड़े कई अन्य मामलों में ग्रामीणों का धरना

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 
डौंडी रेंजर जीवन भोंडेकर को हटाने की मांग.
DFO ने जांच का दिया भरोसा..

बालोद/डौंडी। ग्राम मरदेल एवं आसपास के ग्रामीणों द्वारा बस्ती क्षेत्र के समीप भालू छोड़े जाने सहित डौंडी वन विभाग के रेंजर की कार्यप्रणाली को लेकर गुरुवार को तहसील कार्यालय डौंडी के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया।

ग्रामीणों ने पूर्व में सौंपे गए शिकायत पत्र में उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान विशेष रूप से डौंडी रेंजर जीवन भोंडेकर को उनके पद से हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
ग्रामीणों की ओर से 22 सितंबर 2026 को सौंपे गए शिकायत पत्र में ग्राम मरदेल सहित आसपास के क्षेत्र में भालू छोड़े जाने, वन विभाग की कार्यप्रणाली तथा संबंधित मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत पत्र में कहा गया था कि शिकायत सौंपे जाने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ी।

ग्रामीणों ने आरोपों की जांच के साथ-साथ डौंडी वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) जीवन भोंडेकर को हटाने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और ऐसे में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

*तहसील कार्यालय के समक्ष हुआ धरना प्रदर्शन…*

पूर्व में प्रशासन को दिए गए पत्र में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया था कि यदि निर्धारित समय के भीतर मामले की जांच एवं कार्रवाई नहीं की जाती है तो डौंडी ब्लॉक मुख्यालय में धरना प्रदर्शन एवं चक्काजाम किया जाएगा। इसी क्रम में ग्रामीण तहसील कार्यालय के समक्ष पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

धरना प्रदर्शन के दौरान भालू को बस्ती क्षेत्र में छोड़ने सहित अन्य उल्लेखित मामले के साथ ही वन विभाग द्वारा लगभग 5 वर्ष से ग्राम नर्रालगुड़ा के निवासी डोमन रावटे के घर पर रखे गए सीमेंट जो पूर्ण रूप से खराब हो चुका है उसे हटाने और किराया नहीं देने का मुद्दा भी अधिकारियों के समक्ष रखा गया। इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा हुई और लिखित आश्वासन भी दिया गया।

*जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी से कराई गई DFO से बातचीत….*

इस पूरे धरना प्रदर्शन में जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी ने ग्रामीणों की समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को धरना स्थल पर ही फोन के माध्यम से DFO बालोद को अवगत करवाया गया। बातचीत के दौरान DFO ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच कराने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया।

DFO के आश्वासन के बाद अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग द्वारा की जाने वाली जांच और आगे की कार्रवाई पर है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में भालू से संबंधित पूरे मामले की जांच, वन विभाग की कार्यप्रणाली की जांच तथा डौंडी रेंजर जीवन भोंडेकर को हटाने की मांग शामिल है।

*पांच साल से त्रस्त किसान डोमन की समस्या का हुआ हल, किया आभार प्रकट….*

डोमन ने सभी जनप्रतिनिधियों सहित आंदोलन में सम्मिलित ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज आप सभी के कारण मेरी समस्या का समाधान हुआ और किराए के 30 हजार रुपए में से 20 हजार तत्काल प्राप्त हुआ और शेष 10 हजार एक महीने में वन विभाग द्वारा दिए जाने का लिखित आश्वासन मिला है।

धरना प्रदर्शन में पूर्व विधायक जनक राम ठाकुर, सर्व आदिवासी समाज युवा जिला अध्यक्ष बालोद ललित कावरे, नर्रालगुड़ा उपसरपंच मानसिंह दर्रो, पूर्व सरपंच भीखम भुआर्य, जेब सिंह दरपट्टी, किशोर साहू, सुरडोंगर उपसरपंच देव कोर्राम, गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन ब्लॉक अध्यक्ष राजेश रावटे, आशीष आर्य, तुरसिंह टोपा, दुलेश्वरी गोटी, घनश्याम कोरेटी, गणेश्वर गावड़े, धर्मेंद्र मांडवी, ऋषि ठाकुर, वीरेंद्र मांडवी, शिवनाथ उसेंडी, खिलावन कोसमा, रितेश कोमरा, शिव दयाल सार्वा, यामन साहू, डोमन साहू, श्याम गोटा, योगेश सोरी, कामता प्रसाद, सूरज गावड़े, रामचंद उसेंडी, जितेंद्र टोपा, सूर्यकांत ठाकुर, बिसरी मरकाम, तनुजा दुग्गा, जुली तराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

अब देखना होगा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और उठाई गई मांगों पर वन विभाग की जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और डौंडी रेंजर जीवन भोंडेकर को हटाने की मांग पर विभाग क्या निर्णय लेता है।