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Empower Minds, Empowered Women” कार्यक्रम में लैंगिक समानता एवं सम्मानजनक कैंपस के लिए जेंडर चैंपियंस को किया गया सशक्त

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

*रायपुर, 7 अक्टूबर 2026।*

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के *Centre for Women’s Studies (महिला अध्ययन केंद्र)* द्वारा आज “Empower Minds, Empowered Women” विषय पर *“Empowering Gender Champions for an Inclusive, Respectful and Gender-Sensitive Campus”* कार्यक्रम का आयोजन सेमिनार हॉल, आर्ट्स ब्लॉक में किया गया।

कार्यक्रम में *मुख्य अतिथि डॉ. (श्रीमती) ममता साहू, माननीय अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग, छत्तीसगढ़* उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की *अध्यक्षता प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला, माननीय कुलपति, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय* ने की। कार्यक्रम की *मुख्य वक्ता डॉ. प्रिया राव, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, विधि अध्ययनशाला* रहीं। कार्यक्रम में प्रो. प्रियंवदा श्रीवास्तव, एसोसिएट डायरेक्टर, Centre for Women’s Studies एवं प्रो. रीता वेणुगोपाल, निदेशक, Centre for Women’s Studies उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगान एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ।

*प्रो. रीता वेणुगोपाल, निदेशक, Centre for Women’s Studies* ने स्वागत उद्बोधन देते हुए केंद्र की स्थापना, उद्देश्य एवं विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने महिलाओं के लिए कार्यरत *‘संगवारी हब, विभाग की *Gender Champions पहल* तथा *उन्नत भारत अभियान* के अंतर्गत पांच गाँवों को गोद लेने जैसी गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक विश्वविद्यालय द्वारा *127 Gender Champions* तैयार किए जा चुके हैं।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में *कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला* ने विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित, समावेशी एवं सम्मानजनक बनाने में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया तथा विश्वविद्यालय में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी और Gender Equality एवं Third Gender Inclusion की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

*मुख्य अतिथि डॉ. ममता साहू* ने अपने संबोधन में कहा कि “लैंगिक समानता हमें इंसान बनाती है।” उन्होंने संविधान में समानता के अधिकार, POSH Act और Internal Complaints Committee (ICC) राज्य महिला आयोग की की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सभी जेंडर्स के लिए समान एवं सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता बताई तथा महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा संबंधी जागरूकता को समाज के प्रत्येक स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया।

*मुख्य वक्ता डॉ. प्रिया राव* ने *Gender Sensitization and Empowering Gender Champions* विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने Gender, Gender Equality, Gender Equity, POSH Act, Maternity Leave तथा Vishaka Guidelines जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कानूनी जागरूकता प्रदान की। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और कानूनों की जानकारी होना लैंगिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में *डॉ. अनुराधा चक्रवर्ती एवं डॉ. अनिक्षा वरोडा* द्वारा जेंडर चैंपियंस के लिए समूह गतिविधियां, इंटरैक्टिव गेम्स एवं प्रशिक्षण आयोजित किया गया। महिला अध्ययन केंद्र के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किया गया *Gender Stereotypes एवं Gender Equality पर आधारित Street Interview वीडियो* भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों की लैंगिक धारणाओं को सामने रखा गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए लैंगिक समानता, संवेदनशीलता और समावेशी वातावरण निर्माण से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। इसके पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया।

*जेंडर चैंपियंस पहल का विशेष उल्लेख:*

कार्यक्रम में *UGC द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए जारी Gender Champions Guidelines* के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। UGC के अनुसार Gender Champions का उद्देश्य विद्यार्थियों में लैंगिक संवेदनशीलता विकसित करना, सकारात्मक सामाजिक मानदंडों को बढ़ावा देना, महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा परिसर में समानता, सम्मान, सुरक्षा और सकारात्मक सामाजिक व्यवहार की संस्कृति स्थापित करना है। UGC के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जेंडर चैंपियंस विद्यार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने और लैंगिक समानता से संबंधित गतिविधियों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर *महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार* द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा, समानता और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। मंत्रालय का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों के लिए लैंगिक समान, सुरक्षित एवं अधिकार-आधारित वातावरण को बढ़ावा देना है।

Centre for Women’s Studies, PRSU द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा, जिसमें विद्यार्थियों को Gender Champions के रूप में प्रशिक्षित एवं प्रेरित करते हुए उन्हें लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाने, समानता को बढ़ावा देने तथा एक समावेशी एवं सम्मानजनक विश्वविद्यालय परिसर के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में डा अनिक्षा वरोडा द्वारा कार्यक्रम के समापन में आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग के *शिशिर व्यास, भूषण राव का विशेष सहयोग* रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

यह कार्यक्रम लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण, कानूनी जागरूकता और समावेशी समाज के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सार्थक संदेश लेकर सम्पन्न हुआ।