छत्तीसगढ़

जीवन का के बहत्तरवें अध्याय की शुरुआत अद्भुत अविस्मरणीय रहा

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

सादर आभार, सादर प्रणाम, सेवा जोहार,
जीवन का के बहत्तरवें अध्याय की शुरुआत अद्भुत अविस्मरणीय रहा है, जीवन में पहली बार सगाजनों की समस्याओं की सुनवाई और समाधान सुझाते / करते हुए उनके द्वारा उनके ही बीच जनम दिन पर जन आशीर्वाद प्राप्त हुआ। अविस्मरणीय ।।
स्कूल के दिनों के सहपाठियों ने फोन पर चौंकाने वाली बधाइयाँ दी। नौकरी के शुरुवाती दिनों के सहकर्मियों, अधीनस्थ कर्मियों जिनके नाम भी मुझे याद नहीं थे ने भी फोन कर अप्रत्याशित शुभकामनाएँ दी। अन्य जिलों के सामाजिक कर्मियों जिन्हें मैं जानता तक नहीं उन्होंने भी फोन पर सिर्फ शुभकामनायें ही नहीं दी बल्कि हौसला भी बढ़ाया. अन्य जिले के एक अपरिचित सज्जन ने तो मेरी उपलब्धियाँ भी गिना दी और सतर्क और सावधान रहते हुए काम करने की चेतावनी भी दी।
शनीचारी सब्जी बाजार में रतनपुर निवासी आकाशवाणी रायपुर से रिटायर्ड अपरिचित व्यक्ति ने नाम लेकर अभिवादन किया तो मैंने क्षमा याचना करते हुए पूछा कि हम कहाँ मिले हैं तो भद्र पुरुष ने बताया .. प्रत्यक्ष रूप में कहीं नहीं.. सोशल मीडिया से जानता हूँ.. अद्भुत.. सोशल मीडिया का कमाल..।।
खैर, दिवंगत दादा सोहन पोटई जैसे निर्भीक, निःस्वार्थ, सामाजिक योद्धा और एक्सरे की तरह आदमी को अंदर तक परख डालने वाले स्वतः पारदर्शी (self transparent) व्यक्तित्व के सानिध्य में काम किया हूँ. ऐसे ही नेतृत्व का इंतजार है। तब तक बड़ी बड़ी बातें करने के बजाय अपने स्तर पर अपने “सकाऊ” काम करते रहूँगा।
पुनश्च, .. .. समस्त वरिष्ठ जनों को जो मार्गदर्शन करते हैं, युवा साथियों को जो संग देते हैं एवं मातृशक्तियों को जो स्नेह देते हैं.. जनम दिन पर आशीर्वाद देने के लिए सादर आभार, सादर प्रणाम सादर जोहार .. ।।जोहार गोंडवाना ।।
रमेश चंद्र श्याम