कोविड के रेड जोन में ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने वाले ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को कलेक्टर ने हटाया
By: Jiwrakhan lal ushare cggrameen nëws
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Updated: 24 May 2020, 05:40 PM IST

बालोद जिला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ एसएल ओइका को पद से हटाकर उनके जगह मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनोद चौरका को बीएमओ की जिम्मेदारी दी गई है। (Coronavirus in chhattisgarh)
बालोद/डौंडीलोहारा. बालोद जिला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ एसएल ओइका को पद से हटाकर उनके जगह मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनोद चौरका को बीएमओ की जिम्मेदारी दी गई है। ओइका को कलेक्टर रानू साहू ने काम में लापरवाही बरतने व शासन के निर्देशों की अवहेलना के चलते पद से हटा दिया है। उनके ऊपर वर्तमान में कोरोना संक्रमण के लिए निर्देश के एक मामले में अनदेखी का आरोप है। डौंडीलोहारा कोरोना के रेड जोन में शामिल है।
जिला मुख्यालय में नहीं पाए गए बीएमओ
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड 19 के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य विभाग में नोडल अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। डौंडीलोहारा ब्लॉक में प्रवासी मजदूरों में कोरोना संक्रमण पाए जाने से बीएमओ का कार्य अति महत्वपूर्ण होने के बाद भी बीएमओ ओइका मुख्यालय में न रहकर राजनांदगांव से आवागमन कर रहे थे। जिससे स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के समन्वय में समस्या उत्पन्न हो रही थी।
दे दी अंतिम संस्कार की मंजूरी
21 मई को कोटवार हरिराम (24 वर्ष) ग्राम मुजगहन का निधन होने के बाद शव का कोरोना सैंपल लेकर सुरक्षित रखा जाना था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिशा-निर्देश भी जारी किया गया था परंतु बीएमओ द्वारा सैंपल लेने के पश्चात बिना पोस्टमार्टम व उच्चाधिकारियों को अवगत कराए अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी गई। वर्तमान में कोरोना वायरस रोकथाम व बचाव के क्रियान्वयन के लिए बीएमओ का प्रभार वरिष्ठ चिकित्सक विनोद चौरका को उनके वर्तमान पदीय कत्र्तव्यों के साथ दिया गया है।
