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अदाणी फाउंडेशन के मार्गदर्शन में किसानों ने शुरू किया जैविक खेती अभियान

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अंबिकापुर । अदाणी फाउंडेशन के मार्गदर्शन में चल रहे प्रोजेक्ट अन्नपूर्णा के तहत परसा ग्राम में ‘श्रीविधि’ का प्रयोग कर करीब 200 एकड़ खेतिहर भूमि पर धान की जैविक खेती का अभियान शुरू किया गया है। अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के सरगुजा क्लस्टर हेड श्री संजय कुमार सिंह ने परसा ग्राम में जीराफूल धान के नर्सरी पौध की रोपाई कर अभियान को आगे बढ़ाया। इस कार्य के शुभारम्भ में अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के सरगुजा क्लस्टर के एच.आर. हेड श्री गौरव जैन तथा भू-अर्जन विभाग के प्रमुख श्री संजय श्रीवास्तव ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही ग्राम पंचायत, परसा के उपसरपंच श्री शिव कुमार यादव एवं महिला उद्यमी बहुद्देशीय सहकारी समिति (मब्स) की महिला सदस्यों द्वारा सोमारू यादव जी के खेत में श्रीविधि के जरिए धान के पौधों की रोपाई की गई। बता दें कि परसा ग्राम पंचायत तथा स्थानीय किसानों ने अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से, इस वर्ष से परसा ग्राम को जैविक कृषि ग्राम में परिवर्तित करने की जिम्मेदारी ली है।

कार्यक्रम के दौरान सरगुजा क्लस्टर हेड श्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि अदाणी औद्योगिक समूह अपने फाउंडेशन के माध्यम से कृषकों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में भी इस तरह के आजीविका संवर्धन कार्यों में अदाणी फाउंडेशन की भागीदारी बनी रहेगी। वहीं महिला सहकारी समिति (मब्स) की अध्यक्ष श्रीमती अमिता सिंह ने कहा कि मब्स परसा ग्राम को जैविक कृषि ग्राम बनाने में पूरा सहयोग करेगा।

परसा ग्राम को जैविक कृषि ग्राम में तब्दील करने की दिशा में जारी कार्य के अंतर्गत भविष्य में जैविक गेंहू, सब्जी व दालों की जैविक खेती भी की जाएगी। जैविक खेती की इस योजना में धान की एक अन्य किस्म गोरखनाथ की भी खेती की जायेगी। इसके अलावा आवश्यक वर्मीकल्चर और ऑर्गेनिक माइक्रोन्यूट्रीएंट्स का उत्पादन भी किया जायेगा। किसानों की बेहतरी के लिए परसा गांव में 8 किसान क्ल्ब भी सक्रिय हैं जिनके माध्यम से 100 किसान संगठित किये गये हैं तथा जल्द ही एक फॉर्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी का गठन किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि मब्स- (एमयूबीएसएस) की महिला सदस्य जैविक खाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए वर्मीकम्पोस्ट के व्यावसायिक उत्पादन को सुनिश्चित कर रही हैं। एक अनुमान के अनुसार अगले वर्ष से वर्मीकम्पोस्ट का उत्पादन 400 टन प्रति वर्ष के करीब होगा। इस उत्पादन इकाई से किसानों को स्थानीय स्तर पर खाद की आपूर्ति हो सकेगी। साथ ही इसके माध्यम से 15-25 ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा।

अदाणी फाउंडेशन के बारे में:
1996 में स्थापित, अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में 18 राज्यों में सक्रिय है, जिसमें देश भर के 2250 गाँव और कस्बे शामिल हैं। फाउंडेशन के पास प्रोफेशनल लोगों की टीम है, जो नवाचार, जन भागीदारी और सहयोग की भावना के साथ काम करती है। वार्षिक रूप से 3.2 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित करते हुए अदाणी फाउंडेशन चार प्रमुख क्षेत्रों- शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य, सतत आजीविका विकास और बुनियादी ढा़ंचे के विकास, पर ध्यान केंद्रित करने के साथ सामाजिक पूंजी बनाने की दिशा में काम करता है। अदाणी फाउंडेशन ग्रामीण और शहरी समुदायों के समावेशी विकास और टिकाऊ प्रगति के लिए कार्य करता है, और इस तरह, राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान देता है।