कला एवं संस्कृति हमारे अमूल्य विरासत है, इसे अक्षुण्य बनाए रखें – श्री चन्द्रेश ठाकुर
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
दीपावली के अवसर पर सुदूर वनांचल के ग्राम हिड़कोटोला
में किया गया रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
राजनांदगाॅव, 27 अक्टूबर 2022
बालोद जिले के जनसम्पर्क अधिकारी श्री चन्द्रेश ठाकुर ने कहा कि कला, साहित्य, संस्कृति हमारे समाज के अमूल्य विरासत है, इसका संरक्षण एवं संवर्द्धन करना तथा इसे अक्षुण्य बनाए रखने की आवश्यकता है। श्री ठाकुर बुधवार 26 अक्टूबर को दीपावली के अवसर पर नवस्तंभ युवा संगठन ग्राम हिड़कोटाला के तत्वाधान में मोहला विकासखण्ड के सुदूर वनांचल एवं महाराष्ट्र राज्य की सीमा से लगे ग्राम हिड़कोटोला में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। श्री ठाकुर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पटेल श्री राजाराम हिड़काम ने किया। इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ के जिला अध्यक्ष श्री अरविंद गोटे, श्री रमेश कोर्राम, व्याख्याता श्री मन्ने सिंह मंडावी, श्री पुरूषोत्तम मंडावी, श्री सुकलाल नुरेशिया, श्री सुरेन्द्र कोर्राम, श्री शिव पुरामे, श्री अमर पुरामे, श्री बंशीलाल मंडावी, उत्तम नुरेशिया, बाबूलाल मेश्राम, जयलाल हिड़ामे, मोहन बोगा, तुलाराम यादव, रैनूराम हिड़ामे, सोहन पुरामे, जैनसिंह हिड़ामे, विजय हिड़काम, सुलती मण्डावी, ललिता पुरामे, संजय हिड़काम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
इस अवसर पर श्री ठाकुर ने कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के साथ-साथ ग्रामीणों के बीच एकता-भाईचारा एवं सामाजिक सौहार्द्र को भी अक्षुण्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने समाज के विकास के लिए शिक्षा को ब्रम्हास्त्र बताते हुए सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से उच्च शिक्षित करने तथा उपस्थित लोगों को नशापान आदि बुराईयों से दूर रहने की भी अपील की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ के जिला अध्यक्ष श्री अरविंद गोटे ने उपस्थित सभी लोगों को होनहार बच्चों के पढ़ाई-लिखाई एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आर्थिक मदद तथा मार्गदर्शन की आवश्यकता बताई। श्री सुरेन्द्र कोर्राम ने समाज के पढ़े-लिखे लोगों को अपने सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा आर्थिक संबलता के उपाय सुनिश्चित करने को कहा। कार्यक्रम को श्री रमेश कोर्राम, श्री सुकलाल नरेशिया, श्री अमर पुरामे आदि ने भी संबोधित किया।

