ग्राम देव किरारी (अकलतरा) जिला जांजगीर चाम्पा में गोंड समाज ने धूम धाम से विश्व आदिवासी दिवस मनाने की पहल की …..
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
ग्राम देव किरारी (अकलतरा) रमेश चन्द्र श्याम का पैत्रिक ग्राम है.. गाँव के सगाजनो ने इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया. ९ अगस्त को ही ट्राइबल कम्युनिटी का नाग पूजन का पर्व नाग पंचमी भी पद रहा था, नाग पंचमी के दिन गाँव के गुरुवाइन भांठा में नाग पूजन / दर्शन होता है. भांठा में गुरुवाइन दाई का झांपी नुमा चट्टान है इस चट्टान का निचला हिस्सा आधार मञ्जूषा की तरह और उपरी हिस्सा उसके बनावट में ढक्कन की तरह है. इन दोनों हिस्से दरार में नाग का वास होता है. आस पास के गाँवों से लोग पूजन दर्शन के लिए यहाँ आते हैं. और एक छोटा सा मेला लग जाता है. उसी दिन आसपास के गाँवों की कबड्डी मैच भी होता है.
यह तय किया गया था कि विश्व आदिवासी दिवस 9 के बदले 11 अगस्त को मनाएंगे इसलिए मैंने दो अन्य जगह … ग्राम लिम्हा (बेलतरा) और संध्याकालिन आयोजन में एनटीपीसी सीपत में समय देने की स्वीकृति दे दी थी. लेकिन नाग पंचमी के मेले की जन-जुड़ाव का लाभ लेने के लिए साथियो ने नौ को ही मनाने का तय किया.
खैर जो भी हुआ परिस्थिति के अनुकूल और अच्छा ही हुआ. बुढादेव ठाना से देव पूजन के बाद रैली रवाना हुई. रैली में पारंपरिक वेश भूषा और श्रृगार के साथ युवक युवती, लईका सियान सब डीजे के धुएँ पर जोश और उत्साह के साथ नाचते नारा लगाते चल रहे थे. रमेशचंद्र श्याम ने वीरांगना रानी दुर्गावती के प्रस्तावित मूर्ति स्थापना स्थल पर भूमि पूजन किया और विश्व आदिवासी दिवस के सन्देश के साथ संक्षिप्त उद्बोधन किया. ततपश्चात ग्राम देव किरारी के समस्त देव ठाना को सेवा जोहार अर्पित करने ग्राम का भ्रमण किया गया. रैली प्रमुख रूप से मह्माई दाई, ठाकुर देव, भैंसासुर, पराऊ बईगा, दाऊ चौंरा, मनकेसरी दाई को सेवा जोहार अर्पित करते हुए गुरवाइन दाई ठाना पहुची. गुरवाइन दाई को सेवा जोहार अर्पित कर रैली वापस बुढादेव ठाना के पास सभा में परिवर्तित हो गई. रैली के ग्राम भ्रमण में गाँव के बईगा साथ रहे. सभा को गाँव एवं आसपास के सम्मानित सगाजानो ने संबोधित किया जिनमे सर्वश्री बसंत मरकाम अध्यक्ष गोंड समाज ग्राम देव किरारी, फूलसिंह जगत, तिहारू सिदार, चमरू श्याम, सुरेश प्रताप श्याम, विश्वनाथ नेताम, मनहरण मरकाम प्रमुख रहे. कार्यक्रम के आयोजन में धनेश नेताम, वीरेंद्र मरावी, फेकन सिंह मरावी, प्रताप मरावी रमेश्वर नेताम, अर्जुन जगत, शत्रुहन जगत, शिव सिंह जगत, श्याम लाल श्याम, जयसिंह विजय सिंह, धीरेन्द्र मरावी दुलेश मरावी, भोला मरकाम, दुलेश मरावी, धीरेन्द्र मरावी, कविता मरावी,बहुरा मरावी, भाकुलाल सिदार, ननकी जगत, गायत्री मरावी, मानकी जगत, उमा मरावी आदि की भूमिका महत्त्वपूर्ण रही. अगला कार्यक्रम लिम्हा (बेलतरा) की और अग्रसर…..

