शिक्षा

मैट्स स्कूल ऑफ एजुकेशन, मैट्स यूनिवर्सिटी में बाल अधिकार, पॉक्सो अधिनियम एवं संवैधानिक मूल्यों पर प्रेरणादायी अतिथि व्याख्यान का सफल आयोजन

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

रायपुर, 10 अगस्त 2026। मैट्स स्कूल ऑफ एजुकेशन, मैट्स यूनिवर्सिटी, गुल्लू (आरंग), रायपुर में विद्यार्थियों एवं भावी शिक्षकों में विधिक जागरूकता, संवैधानिक मूल्यों तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशेष अतिथि व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, सरस्वती वंदना एवं राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्री शुभम तोमर, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, छत्तीसगढ़ अभियोजन सेवा रहे।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में श्री शुभम तोमर ने बाल अधिकार, पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, विधिक साक्षरता तथा शिक्षा में संवैधानिक मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक का दायित्व केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों की जानकारी प्रत्येक शिक्षक के लिए आवश्यक है, जिससे विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया जा सके। श्री तोमर ने भारतीय न्याय संहिता, यौन उत्पीड़न, शिक्षा का अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम तथा बाल अधिकार के विभिन्न अधिनियम एवम अनुच्छेद के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

उन्होंने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों की रक्षा, लैंगिक संवेदनशीलता तथा समाज में विधिक जागरूकता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने संविधान में निहित समानता, न्याय, स्वतंत्रता एवं बंधुत्व जैसे मूल्यों को शिक्षा के माध्यम से समाज तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कानून का सम्मान करने, सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा जागरूक नागरिक बनने का आह्वान किया।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने बाल संरक्षण, कानूनी प्रक्रिया, शिक्षकों की भूमिका तथा संवैधानिक मूल्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका श्री शुभम तोमर ने सरल, व्यावहारिक एवं उदाहरणों के माध्यम से संतोषजनक उत्तर दिया। संवादात्मक शैली में आयोजित इस सत्र ने प्रतिभागियों को कानून और शिक्षा के मध्य गहरे संबंध को समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम में मैट्स स्कूल ऑफ एजुकेशन की अधिष्ठाता प्रो. परविंदर हंसपाल, प्राचार्य प्रो. संजीत तिवारी, प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने व्याख्यान को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं समसामयिक बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता भी व्यक्त की, जिससे विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना और अधिक विकसित हो सके।

मैट्स यूनिवर्सिटी के माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव, कुलसचिव श्री गोकुलानंद पंडा एवं महानिदेशक श्री प्रीयेश पगारिया ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर मैट्स स्कूल ऑफ एजुकेशन को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने विभाग को भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे ज्ञानवर्धक एवं समसामयिक व्याख्यान, संगोष्ठियों तथा शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहने के लिए प्रेरित किया, ताकि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति सजगता का विकास निरंतर होता रहे।

अंत में मैट्स यूनिवर्सिटी परिवार की ओर से मुख्य अतिथि श्री शुभम तोमर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।