पीने के पानी की मांग को लेकर आड़ेझर गांव में एक बार फिर ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दे रहा है
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज प्रशासन के आश्वासन के बाद भी मांग पूरी नहीं होने से नाराज हजारों ग्रामीणों ने दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है। सुबह से जारी प्रदर्शन में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। वहीं, 9 ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे हैं।
ग्रामीणों की मुख्य मांग बोइरडीही जलाशय से पीने के पानी की व्यवस्था करने की है। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले आंदोलन के दौरान प्रशासन ने उनकी मांग को लेकर आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाया है।

इस बार आंदोलन में आमरण अनशन भी शुरू किया गया है। 9 ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी तबीयत को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है। अनशन पर बैठे ग्रामीणों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह-शाम धरना स्थल पर पहुंचकर उनकी जांच कर रही है।
26 से 28 सितंबर तक भी हुआ था आंदोलन
ग्रामीण इससे पहले भी अपनी मांग को लेकर 26 से 28 सितंबर तक धरने पर बैठे थे। उस समय प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर दिया था। लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक आश्वासन के बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई। इसके बाद अब उन्होंने फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है।
दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर चक्काजाम
हजारों ग्रामीणों के सड़क पर बैठने के कारण दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। इस मार्ग से महामाया, दुलकी और कलवर माइंस से कच्चा लोहा लेकर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
SDM ने की बातचीत, नहीं निकला समाधान
आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद दोपहर में एसडीएम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को समझाने और उनकी मांग को लेकर चर्चा की गई, लेकिन बातचीत से कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद ग्रामीण धरने और चक्काजाम पर डटे रहे।फिलहाल आड़ेझर में हजारों ग्रामीण पीने के पानी की मांग को लेकर सड़क पर बैठे हैं। 9 ग्रामीण आमरण अनशन पर हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी नियमित जांच कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी पानी की समस्या को लेकर ठोस समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।वस्था की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं, अनशन पर बैठे 9 ग्रामीणों के स्वास्थ्य को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है।अनशन और धरने पर बैठे ग्रामीणों को समर्थन देने पहुँचे जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी ने बताया कि बीएसपी प्रबंधन आदिवासियों के जल जंगल जमीन का दोहन कर रही है रोज करोड़ो रुपयों का कच्चा लोहा ले जाती है लेकिन प्रभावित ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसा रही है सिर्फ एक मांग को लेकर ग्रामीणों के द्वारा आमरण अनशन और धरना दिया जा रहा है लेकिन बीएसपी के कान में जु तक नही रेंग रही है । जब तक ग्रामीणों की समस्या का हल नही निकलता है तब तक मैं इनके साथ खड़ा हूँ चाहे इनके हक और अधिकार के लिए प्रसासन मुझे जो भी सजा दे
वही समर्थन देने पहुँची जिला पंचायत सदस्य नीलिमा स्याम ने बताया कि लगातार ग्रामीण धरने पर बैठे है सिर्फ एक मांग है पीने का साफ पानी मीले लेकिन बीएसपी प्रबंधन ध्यान नही दे रहा है 26 से 28 सितम्बर को भी ग्रामीणों के द्वारा धरना दिया गया लेकिन प्रसासन ने सिर्फ आस्वाशन दिया मजबूर होकर ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठ गए है कैलाश पीले गांधी माहला गनपत भुआर्य प्रभा दर्रा देवकी लडिया मेहतरीन लीना मांडवी एवं ग्रामीण समर्थन पूर्व सरपंच भीखम भुआर्य रोहित माहला आदि ग्रामीण थे

