बिलासपुर में एक और अनुकरणीय गोंडवाना विवाह
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
बिलासपुर शहर विगत रविवार को एक और आदर्श विवाह का साक्षी रहा. ग्राम सेंदरस जिला सक्ति छत्तीसगढ़ निवासी हेम नारायण गोंड (नेटी) के सुपुत्री डॉ. मेघना और ग्राम धानोरा जिला गढ़चिरोली महाराष्ट्र निवासी बागराय उसेंडी के सुपुत्र डॉ. चंद्रकांत का व्याह पारंपरिक गोंडी नेंग नियम से सम्पन्नं हुआ.
श्री हेम नारायण गोंड NTPC कोरबा से सेवानिवृत्त हुए हैं और वर्तमान में बोरदा सक्ती में निवासरत हैं. उनकी पुत्री डॉ मेघना गायनिक सर्जन और डॉ. चंद्रकांत हार्ट स्पेशलिष्ट हैं.
इस व्याह में NTPC कोरबा, जमानीपली के गोंडवाना समाज के संस्थापक सदस्य और वरिष्ठ कार्यकर्ता गण नव दंपत्ति को आशीर्वाद देने पहुंचे थे. जिनमे प्रमुख रूप से सर्वश्री शिव गोविन्द मरकाम पकरिया (अकलतरा), जगदीश प्रसाद सिदार, सुकाल सिंह, रामनाथ पुलस्त लिमहा (बेलतरा), पुनीराम गोंड सकरेली बाराद्वार, दुकालराम राज गढ़गोढ़ी (सक्ती) छेदीलाल गोंड सिंघतरा , श्रीमती सुमन नेताम, गरियाबंद, लक्ष्मण नेताम राजननांदगाँव, घनश्याम सिंह कंवर सिवनी, श्रीमती कृष्णा राजेश मांझी शिवरीनारायण, वीरेंद्र ध्रुव, सहित अन्य साथी गण M. S. Thakur, बजरंग राठौर, दीपक खानखोजे बिलासपुर आदि उपस्थित रहे.
ज्ञात हो कि NTPC कोरबा, जमनीपाली में गोंडवाना समाज की स्थापना सन 1982-83 में हुई जिसके प्रमुख स्तम्भ सर्व श्री रमेश चन्द्र श्याम किरारी, दि. शिवसिंह गोंड रैपुरा सक्ती, मदन सिदार छपोरा (डभरा) हैं. कन्या के पिता हेमनारायण गोंड शिव सिंह गोंड के भांचा और समय सिंह गोंड के साढू हैं.
इस वैवाहिक रिश्ते बनाने में समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा की सक्रीय भूमिका रही और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रमेश चन्द्र श्याम तथा गोंडवाना समाज NTPC कोरबा का सम्पूर्ण नैतिक समर्थन रहा.
मौजूदा हालात को देखते हुए वैवाहिक रिश्ते बनाने में गोंड समाज में रहते हुए दोनों परिवारों की सहमति से क्षेत्रीयता और महासभाओं के दायरे से बाहर निकलना होगा… तभी बेटे बेटियों का भविष्य बनेगा. समाज प्रमुखों को इस पर गहन चितन मनन करने की आवश्यकता है… कि बेटे बेटियां को क्षेत्रीय महासभा / राज के अलिखित और अघोषित प्रतिबंधों को लाँघने दिया जाए अथवा समाज के दायरे से ही बाहर चले जाने दिया जाए. 

