गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन सामाजिक जन जागरण एवं 14 अप्रैल डॉ भीमराव जयंती हर्राठेमा में बड़ी हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन सामाजिक जन जागरण सन 1995 से लगातार यह कार्यक्रम चलते आ रहा है यहां सभी देवी देवताओं को एक स्थान पर स्थापना करके रानीमाई मैं गढ़िया बाबा गांव का शीतला माता पुजा अर्चना करके प्रारंभ करते हैं इसमें सभी ग्राम वासी उपस्थित थे जिसमें मुख्य रूप से
खोरबाहरा मांडवी ने कहा किसामाजिक जन जागरण का रूप देने का यह आयोजन किया जाता है यह लगातार 35 वर्षों से हमारे प्रकृति के आधार पर गोंडवाना पर्व पंडूम मनाया जाता है हम दिखाते हैं की प्रकृति समय- पर संकेत देती है वैसे ही हम जनजाति समाज अपने आचरण को बदलते हैं और प्रकृति वादी है प्रकृति के बदलाव के साथ-साथ हम भी मूल निवासी हमारी परंपरा नेक दस्तूर करते हैं और एक दूसरे से जुड़े हुए है पंडुम का अर्थ है कि हम प्रकृति के अनुसार बनते हैं जिसका उद्देश्य है हम लगातार हर समय अपनी त्योहारों को मनाया जाता है आज डॉक्टर भीमराव जयंती के अवसर संविधान के संस्थापक डा अम्बेडकर ने समुदाय के लिए देश में अपना स्थान दिया है और संविधान लिखा है डॉ भीमराव अंबेडकर के विचार से मैं बहुत प्रेरित हूं कि देश का विकास उस परिस्थितियों से गुजर रहा है उस समय अंग्रेजों का शासन चल रहा था तब उस समय भी वही स्थिति निर्मित था और आज भी है शिक्षा समग्र आर्थिक और आज भी वही स्थिति है जब तक हम अपने आप को निर्णय लायक नहीं बना सकते तब तक परिस्थितियों में समाज भटकते रहेंगे अंग्रेज उस भारत को यूं ही छोड़ना नहीं चाहते थे संविधान का निर्माण एक प्रकृति से चलकर निर्मित हुआ है हमारे देश में संविधान निर्माता का आज जयंती है पूरे देश में इसकी हर्षोल्लाह से मनाया जा रहा है डॉ बाबासाहेब ने हमको आरक्षण दिया जिसमें राजनीतिक आरक्षण उच्च शिक्षा के आरक्षण नौकरी में आरक्षण समाज उत्थान के लिए यह बात करना जरूरी है और जन-जन तक समाज तक पहुंचाने का हमारा कर्तव्य है हमें डॉक्टर साहब ने बताया कि शैक्षणिक में शिक्षा आरक्षण से ही आदिवासियों का उत्थान है
आत्माराम कौडौ ने कहा हम सबको हीरा सिंह मरकाम का जो आंदोलन का प्रारंभ किया था वह आज भी चल रहा है उसे विचारधारा को समग्र क्रांति के बाद को समझना है में डौडीं ब्लॉक में दिशा निर्देश बताना है डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सब कुछ दिया लेकिन आपने उसके लिए एक घंटा भी समय नहीं दिया जो कि हमें जीने का सलिखा सिखाया है हम अब तक समाज में बैठने का ढंग भी नहीं मालूम जब तक हम एक साथ एक दूसरों को नहीं समझेंगे तब तक ऐसी चलते रहेगा समाज को जागरूक करने का प्रयास किया जा राहा है है समाज के उत्थान के लिए एक मुट्ठी चावल बेलोदा सर्कल में अभियान चल रहा है सप्ताह में एक दिन की बैठक और आने वाली समय की योजना का नियम पारित किया जाता है बलोदा सर्कल में हर गांव में बड़ा देव की स्थापना हुआ है जो कि हमारे आदिवासियों का आस्था का केंद्र बना है
आत्माराम कौडौ ने कहा कि एक घंटा समाज को दो आप बड़ा देव के लिए समय दीजिए क्योंकि आर्थिक रूप से समाज को उत्थान के लिए हमें समाज के समक्ष कई प्रकार की आर्थिक उत्थान करने के लिए हम को एक जुट होना होगा और नियम बनाना होगा
भोलाराम नेताम उपाध्यक्ष जनपद पंचायत डौडीं ने कहा बाबा साहब की 135 जयंती को हम मना रहे हैं बाबा साहब के पास में 32 डिग्री 9 भाषा ज्ञान बाबा साहब ने कहा कि शिक्षित बनो संगठित रहो और शिक्षा को आगे बढ़ाओ शिक्षा समग्र विकास हमारे समाज को उच्च विचार के ओर बढ़ाएगी जब-जब संगठन एकत्रित होगा तब तक संगठित मजबूत रहेगा अपने समाज का उत्थान हम होगा हम संविधान को मानने वाले हैं जो डॉक्टर साहब ने हमारे समाज के लिए बहुत बड़ा त्याग किया है हमारे पास बहुत समस्या है बेटा एवं बेटी को शिक्षा देने का माता-पिता का दायित्व है 32 डिग्री वाले बाबा साहब देश का संविधान कमेटी का अध्यक्ष चुना गया था और उसने संदेश दिया था कि संघर्ष करो आज भी छुआछूत की भावना भी हर प्रकार की शहरों में गांव में देखा जाता है वह अभी तक खत्म नहीं हुआ है और वही दिन वापस और आएगा जब संविधान खत्म हो जाएगा इसलिए बाबा के द्वारा संविधान भारत में लागू है तब तक उनकी रक्षा हमको ही करना है आज के युग में बेटा के बजाय बेटी शिक्षा के लिए बहुत आगे हैं और समाज को एक मुट्ठी चावल एकत्रित कर जो बच्चे अच्छे पढ़ने के लिए आगे जाना चाहते हैं उसका सहयोग करे
प्रेम कुंजम गौड़ समाज अध्यक्ष जिला बालोद ने कहा कि भारत में दो क्षेत्र हैं एक सामान्य क्षेत्र एक अनुसूचित क्षेत्र जो हमारे जीवन चक्र को दो चीजों को समग्र विकास हेतु संचालित करते हैं हमारे यहां सबसे पहले हमको संगठित होने के लिए पितृशक्ति मात्री शक्ति युवा शक्ति सभी को एकत्रित कर अपने समाज के रीति रिवाज को जानना बहुत जरूरी है और आने वाला युवा पीढ़ी को इस समाज के सुधार के लिए आगे आना चाहिए पांचवी अनुसूची में पैसा कानून अपना एक अलग ही कस्टम ला है उसको भी गांव-गांव में जानकारी देना है हमने भी पूरा जिला में पांच कार्यक्रम का प्रोग्राम हर वर्ष रखते हैं जिसमें वार्षिक अधिवेशन वार्षिक अधिवेशन में समाज के प्रति काम हुआ है और आने वाला दिन में हमें और क्या करना है दूसरा 24 जून जो रानी दुर्गावती का शहादत दिवस है जिसको डौंडीलोहारा में इस समय मानना है इस प्रकार 9 अगस्त यह पूरा विश्व का संगठन आदिवासी संगठन मानते आ रही है 24 दिसंबर को पेसा कानून का दिवस मनाना है इस प्रकार 14 अप्रैल को हर्राठेमा में जो आज कार्यक्रम डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती मना रहे हैं इसमें गांव वालों की उपस्थिति बढ़ चढ़कर भाग लिया गया उसमें प्रमुख रूप से समाज के पदाधिकारी गण उपस्थित थे इस कार्यक्रम में प्रेम कुजाम गोड़ समाज अध्यक्ष जिला बालोद आत्मा राम कौडौ अध्यक्ष गोड़ समाज डौंडीं भोलाराम नेताम उपाध्यक्ष जनपद पंचायत डौडीं तुलेश्वर हिचामी जनपद सदस्य जिवराखन लाल उसारे प्रदेश मीडिया प्रभारी गजानंद नुरेटी खोरबाहरा मंडावी राजेश रावटे हेमलाल पदमाकर बीरबल कुंजम परिक्षेत्र अध्यक्ष हर्राठेमा मुकुंद राम ओटी सर्कल सदस्य धनशुराम गावड़े परिक्षेत्र गोड समाज सलाहकार ओम सलाम ऑडिटर हीरामन सोरी काहणगोदी धनसु परिक्षेत्र हीरा सिंह ठेमा बुजुर्ग और हर्राठेमा गांड मारने नागरिक महिला एवं पुरुष अधिक संख्या में उपस्थित थे इसकी जानकारी जिवराखन लाल उसारे प्रदेश मीडिया प्रभारी ने दिया

